गुड और सूजी का हलवा
आज हम बनाएंगे गुड और सूजी का हलवा। मैने तो बना भी लिया है और बहुत ही बढ़िया बना है तो सोचा आप के साथ भी इसकी रेसिपी शेयर कर लूं। तो इसके लिए हमे यह सामग्री चाहिए :-
सामग्री :
सूजी - 1/4 kg यानी पाव किलो
गुड - 250 ग्राम के आसपास। थोड़ा कम ज़्यादा भी डाल सकते है ( मीठे की पसंद अनुसार) अगर मीठा कम खाते है तो गुड कम ले सकते है।
देसी घी - 3 से 4 बड़े चम्मच या 3 से 4 कड़ची कहना सही रहेगा। आप ज़्यादा घी भी डाल सकते तो।
बादाम - 15 से 20 आधे काटकर पतले पतले।
चारोली - 10 से 15 ग्राम।
काजू - काजू के बीच से दो टुकड़े कर के डालिए पतले। ज़्यादा टुकड़े भी कर सकतें है।
इलायची पावडर - दाने भी ले सकते है लेकिन पावडर ज़्यादा अच्छा लगता है क्योंकि दाने अचानक चबाने मे आ जाते है। 2 से 3 इलायची काफी है।
बस इतना ही सामान काफी है।
रीत :
इसे बनाने की विधि बहुत ही आसान है। और यह तब और आसान हो जाती है जब आप ने सूजी को पहले से ही साफ करके, भुन कर रख दिया हो। मैं वहीं करता हूं। कुछ 15 दिनों के लिए में सूजी भुन कर एयरटाइट करके रख देता हूं। अब अगर आपने नहीं की है तो भी कोई बात नहीं। तरीका वहीं है बस अब आपको थोड़ा ज़्यादा भूनना पड़ेगा।
सब से पहले एक पतीले में लगभग डेढ़ लीटर पानी में गुड के टुकड़े डाल कर उबलने के लिए रख दे। गुड के पानी को इतना तो उबालें की गुड और पानी का कच्छा स्वाद ना रहे और पानी थोड़ा सा कम हो जाए। अब पानी को उतार ले।
अब एक कड़ाई को गरम होने रखे, ध्यान रहे की कडाई में पानी ना रहे वरना घी के चिंटे उड सकते है। गरम होने पर घी डाल दे।
घी थोड़ा गरम होने पर उसमे सूजी डाल दे और उसे अच्छी तरह भुने। आंच कम ज़्यादा करते रहिए और थोड़ा भूनने के बाद उसमें काजू, बादाम, चारोली वगैरा डाल दे और भूनते रहिए।
सूजी का कलर थोड़ा बदलने के बाद या जब आपको लगे कि अब अच्छी तरह से भून चुकी है तब आंच एकदम कम रखकर हीं उसमे गुड का पानी छान कर डाल दे। नीचे से थोड़ा पानी रहने दे उसमे ज़्यादा कचरा हो सकता है।
अब सूजी ने थोड़ा 2 चिमटी जितना इलायची पावडर डाल दे.
अब सूजी को थोड़ी तेज और मीडियम आंच पर पकाएं, लगातार हिलाते रहिए, बीच बीच में आंच कम भी करे और बार बार ढकते रहिए और हिलाते भी रहिए।
जब सूजी का हलवा बहुत गाढ़ा हो और आप को लगे की अब तैयार है तो हलवे को ढक कर गैस बंद कर दे। और कुछ देर बाद परोसे।
कुछ नोट्स :
आप गुड की जगह शक्कर भी ले सकते है। शक्कर का पानी भी बना सकते है या सूजी भूनते वक्त शक्कर डाल सकते है इस तरह बनाते समय भी आपको पानी उबालकर ही इस्तेमाल करना पड़ेगा वरना पानी का कच्छा स्वाद आएगा लेकिन अब आप पानी की जगह 750 से 1000 मिली लीटर दूध भी डाल सकते है। लेकिन गुड से बनाते वक्त दूध नहीं डाल सकते क्योंकि मुझे लगता है इस से दूध फट जाएगा।
आप बादाम, काजू और चारोली के साथ किसमिस, तरबूच के बीज भी डाल सकते हो। अगर आप इसमें 5 से 10 ग्राम सौंफ डाल देते है तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाएगा पर अगर पसंद हो तभी इस्तमाल करें।
अगर हलवा बनाने के लिए देसी घी ना हो तब आप खाने का तेल भी इस्तेमाल कर सकते है। लेकिन कड़ाई मे तेल डाल ने से पहले देख ले की उसमे पानी ना हो और तेल गरम होने के बाद उसमे से धुंआ निकल ने दे। जिस से तेल का सारा कच्छा स्वाद उड़ जाए, फिर उसे थोड़ा ठंडा करे कुछ देर गैस बंद करके वरना सीधे सूजी गरम-गरम तेल में डालने से वह जल सकती है। फिर सूजी डाल कर गैस ऑन करें और अच्छे से भूनें।
गुड का पानी चाय बनाने की चननी से धीरे धीरे चान कर ही डालें और सारा पानी ना डाले क्योंकि नीचे गुड का कचरा जमा हुआ होगा इस लिए थोड़ा सा पानी आखिर का रहने दे। आपको सूजी के लिए जितने पानी की आवश्यकता लगे उतना पानी डाले, थोड़ा पानी ज़्यादा डाले क्योंकि सूजी बहुत सा पानी सोख लेती है और हलवा थोड़ा गाढ़ा बनता हैं।

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